Anuradha Paudwal Jai Aambe Gauri Lyrics
“जय अम्बे गौरी” देवी दुर्गा को समर्पित सबसे पॉपुलर और पवित्र हिंदू भक्ति आरती में से एक है। Anuradha Paudwal Jai Aambe Gauri Lyrics (अनुराधा पौडवाल जय अम्बे गौरी लिरिक्स) द्वारा खूबसूरती से गाया गया, यह दमदार भजन भक्तों के दिलों में एक खास जगह रखता है, खासकर नवरात्रि और दूसरे धार्मिक त्योहारों के दौरान। दिल को छू लेने वाली आवाज़ और पारंपरिक कंपोज़िशन Maa Durga Ki Aarti (माँ दुर्गा की आरती) को सभी उम्र के सुनने वालों के लिए एक आध्यात्मिक रूप से अच्छा अनुभव बनाती है।
आरती “जय अम्बे गौरी की आरती” माँ अम्बे की शक्ति, दया और दिव्य सुरक्षा के लिए उनकी तारीफ़ करने के लिए की जाती है। भक्त मंदिरों और घरों में दीये और फूल चढ़ाते हुए Durga Mata Ki Aarti Jai Ambe Gauri lyrics (दुर्गा माता की आरती जय अम्बे गौरी लिरिक्स) का जाप करते हैं, शांति, समृद्धि और खुशी के लिए आशीर्वाद मांगते हैं। कई लोग त्योहारों और WhatsApp स्टेटस अपडेट के दौरान शेयर करने के लिए “जय अम्बे गौरी आरती इमेज” भी सर्च करते हैं। यह हमेशा रहने वाला भक्ति गीत माँ दुर्गा की महिमा को खूबसूरती से बताता है और हर लाइन में गहरी आस्था और भक्ति दिखाता है।
Anuradha Paudwal Jai Ambe Gauri Lyrics
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
तुम को निशदिन ध्यावत
तुम को निशदिन ध्यावत
हरि ब्रह्मा शिवरी
ॐ जय अम्बे गौरी
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
तुम को निशदिन ध्यावत
तुम को निशदिन ध्यावत
हरि ब्रह्मा शिवरी
ॐ जय अम्बे गौरी
मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को
मैया टीको मृगमद को
उज्जवल से दोउ नैना
उज्जवल से दोउ नैना
चन्द्रबदन नीको
ॐ जय अम्बे गौरी
कनक समान कलेवर रक्ताम्बर राजे
मैया रक्ताम्बर राजे
रक्त पुष्प दल माला
रक्त पुष्प दल माला
कंठन पर साजे
ॐ जय अम्बे गौरी
केहरि वाहन राजत खड़्ग खप्पर धारी
मैया खड़्ग खप्पर धारी
सुर-नर मुनिजन सेवत
सुर-नर मुनिजन सेवत
तिनके दुखहारी
ॐ जय अम्बे गौरी
कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती
मैया नासाग्रे मोती
कोटिक चन्द्र दिवाकर
कोटिक चन्द्र दिवाकर
राजत सम ज्योति
ॐ जय अम्बे गौरी
शुम्भ निशुम्भ विडारे, महिषासुर धाती
मैया महिषासुर धाती
धूम्र विलोचन नैना
धूम्र विलोचन नैना
निशदिन मदमाती
ॐ जय अम्बे गौरी
चण्ड मुण्ड संहारे, सोणित बीज हरे
मैया सोणित बीज हरे
मधु कैटभ दोऊ मारे
मधु कैटभ दोऊ मारे
सुर भयहीन करे
ॐ जय अम्बे गौरी
ब्रह्माणी रुद्राणी, तुम कमला रानी
मैया तुम कमला रानी
आगम निगम बखानी
आगम निगम बखानी
तुम शिव पटरानी
ॐ जय अम्बे गौरी
चौसठ योगिनी मंगल, नृत्य करत भैरों
मैया नृत्य करत भैरों
बाजत ताल मृदंगा
बाजत ताल मृदंगा
अरु बाजत डमरु
ॐ जय अम्बे गौरी
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भर्ता
मैया तुम ही हो भर्ता
भक्तन की दुःख हरता
भक्तन की दुःख हरता
सुख सम्पत्ति कर्ता
ॐ जय अम्बे गौरी
भुजा चार अति शोभित, वर मुद्रा धारी
मैया वर मुद्रा धारी
मनवांछित फ़ल पावत
मनवांछित फ़ल पावत
सेवत नर-नारी
ॐ जय अम्बे गौरी
कंचन थार विराजत, अगर कपूर बाती
मैया अगर कपूर बाती
श्रीमालकेतु में राजत
श्रीमालकेतु में राजत
कोटि रत्न ज्योति
ॐ जय अम्बे गौरी
श्री अम्बे जी की आरती, जो कोई नर गावे
मैया जो कोई नर गावे
कहत शिवानंद स्वामी
कहत शिवानंद स्वामी
सुख संपत्ति पावे
ॐ जय अम्बे गौरी
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी
तुम को निशदिन ध्यावत
तुम को निशदिन ध्यावत
हरि ब्रह्मा शिवरी
ॐ जय अम्बे गौरी
ॐ जय अम्बे गौरी
ॐ जय अम्बे गौरी
Conclusion
We hope you enjoyed reading Durga Mata Ki Aarti Jai Ambe Gauri Lyrics and felt the divine blessings of Maa Durga in every line. This beautiful Maa Durga Ki Aarti, popularly sung by Anuradha Paudwal, fills the heart with peace, positivity, and devotion. If you liked our song Anuradha Paudwal Jai Aambe Gauri Lyrics, please let us know how you felt after listening or reading it. Don’t forget to share Jay Ambe Gauri Ki Aarti with your family and loved ones so they too can experience the spiritual power and grace of Maa Ambe. May Goddess Durga bless you with happiness, success, and protection always. 🙏
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